कंपनी की वादाखिलाफी पर बिफरी महिलाएं

होली (चंबा)। जीएमआर कंपनी ने एक बार फिर ग्रामीणों से किया वायदा तोड़ दिया है। ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद कंपनी ने 26 जुलाई को कोर्ट के निर्णय तक काम बंद करने का लिखित आश्वासन दिया था। इसके बावजूद बुधवार को रातोंरात कंपनी ने होली के की-नाला स्थित पावर हाउस साइट पर जेसीबी चलवाकर दर्जनों पेड़ उखाड़ डाले। जब ग्रामीणों को पता चला तो वीरवार को महिला मंडलों ने होली में एकत्रित होकर कंपनी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं ने मजदूरों को काम करने से रोका और उनके औजार भी छीन लिए। महिलाओं ने कंपनी के अधिकारियों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। साथ ही पुलिस पर भी कंपनी का साथ देने का आरोप जड़ा है। ग्रामीणों ने रात के अंधेरे में इस कार्य को अंजाम देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ों को हटाने का काम फारेस्ट कारपोरेशन करता है। इसके बावजूद कंपनी मनमाने तरीके से पेड़ों का सफाया करवा रही है। इस अवसर पर मौजूद बनूण महिला मंडल प्रधान हंसादेवी, सुडकर की इंदिरा देवी, गुसाल की बदामो देवी, मझारन महिला मंडल की कौशल्या देवी, झरोटा की संतोष कुमारी ने बताया कि महिलाओं ने मौके पर जाकर काम बंद करवाया है। महिलाओं की ठेकेदारों के साथ नोक झोंक भी हुई है। उन्होंने एसएचओ भरमौर पर धक्का मुक्की करने और धमकाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कंपनी को काम न करने की चेतावनी दी है। शाम को लौटते समय महिलाओं ने मजदूरों से छीने गए औजार भी लौटा दिए हैं।
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जबरन लिखवाया गया था : जीएम
कंपनी के जीएम और एचआर डा. संजीव कुमार चौहान ने बताया कि कंपनी से जबरन लिखवाया गया था। कोर्ट ने कंपनी को काम बंद करने के निर्देश नहीं दिए हैं। लिहाजा काम बंद नहीं होगा।
इंसेट…
प्रशासनिक अधिकारी नहीं कर रहे सहयोग : एसएचओ
एसएचओ भरमौर ज्ञान चंद ठाकुर ने कहा कि पुलिस ने महिलाओं को उग्र होने से रोका था। उन्होंने धक्का मुक्की से इनकार किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी पुलिस को सहयोग नहीं दे रहे हैं। इससे कानून व्यवस्था काबू करना मुश्किल हो रहा है।

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